सुनतानी जीं - माईभाखा कबितई प्रतियोगिता घोसित हो गइल।

भोजपुरी नगरिया, भोजपुरी पंचायत अउर नवजागरण प्रकाशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजन हो रहल बा

माईभाखा कबितई प्रतियोगिता

राम-राम, नमस्कार। माईभाखा कहानी लेखन प्रतियोगिता की सफलता की बाद भोजपुरी नगरिया, भोजपुरी पंचायत अउर नवजागरण प्रकाशन की संजुक्त तत्वाधान में आयोजित हो रहल बा माईभाखा कबितई प्रतियोगिता। निहोरा बा की ए प्रतियोगिता में आपन उपस्थिति दरज करा के माईभाखा के समरिध कइले की साथे हमनी जान के अनुग्रहित करीं।
कबिता करे खातिर रहीं तइयार,
माईभाखा झोली लेहले खड़ा बानी रउरी दुआर,
रउआँ लिखबि त सबके नीक लागी,
खाली अपने ना, माइयोभाखा के भागि जागी। जय-जय।

आईं कुछ जान लीं-
1. रउआँ आपन दु गो अप्रकाशित कविता भेज सकेनीं। अंतिम तिथि बा- 31 अगस्त 2017
2. सबसे जरूरी बात ई बा की तीन सर्वश्रेष्ठ रचनन के 700, 600 अउर 500 धनराशि से पुरस्कृत कइले की साथे-साथे आइल सब रचनन में से निर्नायक मंडल अउर संपादक मंडल द्वारा कम से कम 50गो रचचन के चयन होई अउर एके नवजागरण प्रकाशन (आईएसबीएन (ISBN) की साथे) द्वारा अपनी खरच पर संग्रह की रूप में प्रकासित कइल जाई अउर एतने ना एक त लिखवइया के एक्को पइसा नइखे खरच करे के अउर साथे-साथे ओ संग्रह में छपल कबिलोगीं के ओ किताब के 2-2गो प्रति सादर भेंट कइल जाई। त राउर मेहनत बाँव ना जाई, अगर रउआँ पुरस्कार नइखीं भी जीत पावत त पूरा संभावना बा की राउर कविता ओ संग्रह में प्रकाशित हो जाई। पंजीकृत नवजागरण प्रकाशन (श्री राजकुमार अनुरागी, मोबाइल- 9718013757) के एतना महती जोगदान खातिर बहुत-बहुत ही आभार।
3. ध्यान दीं.....आपन खुद के लिखीं...कहीं से कॉपी-पेस्ट मत करीं...घी के लड्डू टेड़ों भला.....अगर कविता में राउर विचार, संदेसा आ गइल त राउर लिखल सफल हो गइल।
4. आपन रचना prabhakargopalpuriya@gmail.com पर मेल करीं।

भवदीय,
नवजागरणप्रकाशन, दिल्ली

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