माईभाखा कहानी लेखन प्रतियोगिता

#माईभाखा (#भोजपुरी) कहानी लेखन प्रतियोगिता के 1, 2, 3 नंबरिया कहानीकारन के निर्नय लगभग होइए गइल बा। तनि अफसोस बा की खाली सातेगो रचना अइनीसन पर कवनो बात ना...लोग लिखी, बढ़ि-चढ़ि के लिखी...इ पूरा बिस्वास बा.. खैर कुछ निर्नयकरता लोग अबहिन तनी गहराई से बार-बार ए रचनन के पढ़ता लोग, सहियो बात बा काहें की जवन भी होखे सुघड़ होखे.....खैर 5 जाने निर्नयकरता लोगन के राय त आ गइल बा.....2 जाने अग्रजिया लोग अबहिन तनि सोच-विचार करता लोग...पर काल्ह ले ए हु लोगन के राय मिल जाई......त काल्ह रात में ना त परसों सबेरे परिनाम घोसित हो जाई......हँ पर तइयार रहीं...एकरी बाद कवितई होई...अउर निहोरा बा की रउआँ ए में बढ़ि-चढ़ि के हिस्सा लीं....इ मत सोंची की रउआँ नया बानी की पुरान....अधबुढ़ बानी की जवान....लिखले के ताक बा...घी के लड्डू टेड़ों भला...इ प्रतियोगिता खाली कहे खातिर बा...एकरी पीछे मंसा इहे बा की लोग माईभाखा में खूब लिखो...एक दूसरे के पढ़ो, एक दूसरे से सीखो...के हू जीती...राउर अपने...मने इ एइसन प्रतियोगिता बा जवने में केहू हारी ना....माईभाखा की साथे सबके जीत होई...जय-जय बा...नमन बा...जय-जय माईभाखा................

खुसी होई की तनि रउओं हाथ बटाईं...ए प्रतियोगिता के हर भोजपुरिया की लगे पहुँचाईं...सब लिखो...जय-जय माईभाखा....जय-जय

भवदीय,

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

1. पंकज यादवजी के दुगो कबिता (1, 58) - माईभाखा कबिताई प्रतियोगिता

सुनतानी जीं - माईभाखा कबितई प्रतियोगिता घोसित हो गइल।

अब कवितई (कविता प्रतियोगिता) के भाँजा