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श्री धर्मदेव चौहानजी के कुछ अउर जोगीर्रा - जोगीर्रा सरSSररSS पहल प्रतियोगिता - 2018

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झाड़ू बाजे, बेलन बाजे और बाजे मृदंग।
जबसे चढ़ल फ़ागुन रोज कुटाला भसुर संघ। जोगिरा सारा रा रा र……..
कजरी, मोदी, राहुल देखनी अउर देखनी सहत्तर।        राजनीति में आके सभे बनी जाला बनच्चर। जोगिरा सारा रा रा र……..
के कटेला चना चबैना,के चाँपे रसगुल्ला।        के मारेला बेलन, के नाचेला खुल्लम खुल्ला। जोगिरा सारा रा रा र………
भईया काटें चना चबैना, भउजी रसगुल्ला।        भवही मारे बेलन, भसुर नाचें खुल्लम खुल्ला। जोगिरा सारा रा रा र………..
मोदी बनिहें पीएम मिली भोजपुरी के दर्जा।        कहिके चच्चा भूली गईलें हैं कहिया उत्तरी कर्जा। जोगिरा सारा रा रा र………..
भोजपुरी के मिली मान्यता गईहें छम्मक छल्लो।        असम वाली भउजी कहीहें चल्लो दिल्ली चल्लो। जोगिरा सारा रा रा र……..
केकर बाटे हरियर कुर्ता, केकर बाटे लाल। के पहिरेला सुट- सफारी, के भईल कंगाल। जोगिरा सारा रा रा र………
पप्पू जी के हरियर कुर्ता,

श्री धर्मदेव चौहानजी के जोगीर्रा (2,3,4,5) - जोगीर्रा सरSSररSS पहल प्रतियोगिता - 2018

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1- साहब तोहरा देश में भूखा बा इंसान l
 MDM के खिचड़ी खाके फुल गइल परधान l
जोगीर्रा सा रा रा रा ..........

2- बुआ जी के पाड़ा सनकल, पप्पू कसे लंगोट l
 भइया पड़ि गये गदहा पीछे, भऊजी मांगें वोट l
जोगीर्रा सा रा रा रा ..........

3- के मांगेला चना- चबैना , के मांगे मिठाई l
 केकरा चाहीं काम के सरियत ,केकरा मुंह देखाई l
जोगीर्रा सा रा रा रा .............

जनता मांगें चना -चबैना कारकर्ता मिठाई l
 भईया मांगें काम के सरियत, भऊजी मुंह देखाई l
जोगीर्रा सा रा रा रा ..........

4- जे जीती ऊ चानी काटी, जे हारी उ तिरकोल l
 कारकर्ता लोग भंटा बोईहें, जनता छिली ओल l
जोगीर्रा सा रा रा रा ..........

5- के लूटावे सोना चानी, के भइल कंगाल l
 के पहिरेला सूट-सोफारी, केकर बा भौकाल l
जोगीर्रा सा रा रा रा ..........

बुआ लुटावें सोना चानी, पपुआ भइल कंगालl 
 साहब पहीरें सूट सफारी, भक्ततन के भौकाल l
जोगीर्रा सा रा रा रा ..........

धर्मदेव चौहान

श्री निलेश मिसिरजी के जोगीर्रा (1) - जोगीर्रा सरSSररSS पहल प्रतियोगिता - 2018

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पूँछ पटकि के कुक्कुर खा, चाट-चाट बिलारि, सफाचट्ट कर नीरव खइने, खोज रहल सरकार......... जोगीरा सा रा रा रा श्री निलेश कुमार मिश्र पथरदेवा, देवरिया (मोबाइल - 9935290022)

जोगीर्रा सरSSररSS पहल प्रतियोगिता - 2018

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आपन मेहरी पेट ढंके, दूसरे के रखले रहे उघार,
इ हे आज के सोंच कबीरा, इ हे त बा संसार....जोगीर्रा सरss ररss....


जोगीर्रा सरSSररSS...पहल बा...बस की लोग अपनी भाखा में लिखे...खेल-खेल में लीखे..सब केहू लिखे....प्रतियोगिता ना पहल.....सुनतानीं...तनि एगो लल्लनटाप कुरताफाड़ जोगीर्रा लिख भेजीं...रउरी जोगीर्रा में नेतन के धोती खुलो चाहें गील होखो....भस्टाचार, बेरोजगारी के हवा खुलो भा...कवनो भी सामाजिक सरोकार...आपन गाँव दुआर के बात होखो.....लिख भेजीं...एगो एइसन जोगीर्रा जवने के अगिला फगुआ ले लोग गुनगनइले पर मजबूर होखे...जय-जय। prabhakargopalpuriya@gmail.com पर अपनी नाम, फोटो आदि की साथे मेल क दीं। जय-जय।


श्री कन्हैया प्रसाद रसिक जी के 1गो अउर होरी गीत (16) - फगुआ (होरी गीत) संग्रह पहल प्रतियोगिता - 2018

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डँसले बा करिया नाग ए सखी फागुन में ।।

डँसले बा करिया नाग ए सखी फागुन में ।।

पियवा जे रहिते तs बैदा बोलइते
गोदिया उठाके लहर उतरइते
देवरा भइल बाटे साग ए सखी फागुन में ।।
डँसले बा करिया नाग ए सखी फागुन में ।।

होली के लहरा सब कोई गावे
मारे दरद के कुछ नाहीं भावे
बाउर बा जोगिरा के राग ए सखी फागुन में ।।

डँसले बा करिया नाग ए सखी फागुन में ।।

मन बउराइल बा डेग डगमगाता
चढ़ेला लहरिया त तन छटपटाता
कइसे मनाइब अब फाग ए सखी फागुन में ।।
डँसले बा करिया नाग ए सखी फागुन में ।।


कन्हैया प्रसाद रसिक 
परिचय:- नाम- कन्हैया प्रसाद रसिक ग्राम- हथडीहाँ ,  पोस्ट- सकरी रामनगर ( हसन बाजार) जिला- रोहतास ( बिहार ) भूतपूर्व वायु सैनिक ( वारंट अफिसर ) कृति-  पथिक-पाथेय और ऊँ भ्रष्टाचाराय नम: ( हिन्दी में काव्य संग्रह ) मोबाइल नं. - 8867651348

श्री विद्या शंकर विद्यार्थी जी के 1गो अउर होरी गीत (15) - फगुआ (होरी गीत) संग्रह पहल प्रतियोगिता - 2018

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होली खेलन आये बिहारी, रे माई


होली खेलन आये बिहारी, रे माई  होली खेलन आये बिहारी, रे माई 
ब्रज के गलियन में शोर मचल बा  शोर मचल बा रे जोर मचल बा  चल$ता रंग पिचकारी, रे माई  होली खेलन आये बिहारी, रे माई |                       
केहू के रंगता तन के चुनरिया  तन के चुनरिया रे मन के चुनरिया  बरीज ना माने बिहारी, रे माई                              होली खेलन आये बिहारी, रे माई |
हमरो रे मनवा बा साध पुराइब साध पुराइब रे आज पुराइब  रंग दिहब हम बरियारी, रे माई  होली खेलन आये बिहारी, रे माई |                     
चलेला होली में होरी बलजोरी होरी बलजोरी रे होरी बलजोरी  जाई ना मन के खुमारी, रे माई होली खेलन आये बिहारी, रे माई |
विद्या शंकर विद्यार्थी

सुश्री निशा राय जी के 2गो होरी गीत (13, 14) - फगुआ (होरी गीत) संग्रह पहल प्रतियोगिता - 2018

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1. बहे लागल देख फगुनी बयार...चलऽना गुंइयाँ बगिया में  चह-चह चिरऽई चहकत होई  मह-मह मोजर महकत होई  पीयर  सरसो   लहकत होई धरती कइले होइहें सोलहो सिंगार..चलऽना गुंइयाँ बगिया में 
छिछली तलइया डाल के पऽइयाँ बइठल  जाई  पेड़     के  छऽइयाँ ओढ़ के बदरा बिछा के   भुऽइयाँ रिमझिम-रिमझिम बरसी अखियाँ से प्यार...चलऽ ना गुंइयाँ
रंगली   तोहरे  रंग   चुनरिया फागुन में हो गइलीं बावरिया अपनी नगरिया ले जा सँवरिया  फली फूली उंहवें नेहिया हमार...चलऽ ना गुंइयाँ बगिया में 

2.  चढ़ते फगुनवा में लोग बउरईले हाय रे फगुआ झूमे लगले गउँआ जेवार हाय रे फगुआ
साल सूइटर भउजी घामा में सुखऽवली मोटरी में बाँन्ह के मचानि पर चढ़ऽवली
पेन्ह लिहली साड़ी लहरेदार हाय रे फगुआ झूमें लगलें गउँआ जेवार हाय रे फगुआ
फगुनी बयार में बेमार भइल दुनिया घर से निकलला में डेराये लागल मुनिया
बिगड़ल समाज के बिचार हाय रे फगुआ  झूमे लगलें गउँआ जेवार हाय रे फगुआ  ----निशा राय  राम अवध नगर, खोराबार गोरखपुर, उत्तरप्रदेश पिन  273010 मो.न. 8542898686