13. कन्हैया प्रसाद तिवारी "रसिक" जी के एगो अउर कबिता (36) - माईभाखा कबितई प्रतियोगिता

भईया हम हईं  ठेठ बिहारी 

भईया हम हईं  ठेठ बिहारी 
रसिक नाम गुरु दिहले बानी 
मंत्र हमार हऽ रसगर बानी  (वाणी)
हथडीहाँ के  हईं निवासी 
जय भोले बाबा अविनाशी 
जिला ह रोहतास ठिकाना 
दावथ पड़ेला गाँव के थाना
फौज में बितल बत्तीस साल
मन से भारत माँ के लाल 
जांगर में भोजपुरिया खून 
कविता के बिन जियल सून 
अबही बा निवास बैंगलोर
बहेला माई खातिर लोर

मानव हईं मानव से प्यार करीला
मानवता खाति सोच विचार करीला
रसिक नाम धराइल रसगर बोले से
उदास लो के उदासी निःसार  करीला
--------------------------

परिचय:-
नाम- कन्हैया प्रसाद तिवारी " रसिक "
ग्राम- हथडीहाँ
पोस्ट- सकरी रामनगर  (हसन बाजार)
जिला- रोहतास 
हम भारतीय वायु सेना के वारंट आॅफिसर पद से रिटायर  फौजी बानी ।
बैंगलोर में पुरा परिवार साथे रहेला
हिन्दी , अंग्रेजी आ भोजपुरी में कविता लिखल हमार शौक हऽ
फिलहाल हम भोजपुरी कविता के प्रति  समर्पित बानी 
--------------------------------

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

1. पंकज यादवजी के दुगो कबिता (1, 58) - माईभाखा कबिताई प्रतियोगिता

सुनतानी जीं - माईभाखा कबितई प्रतियोगिता घोसित हो गइल।

अब कवितई (कविता प्रतियोगिता) के भाँजा