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फगुआ (होरी गीत) संग्रह पहल प्रतियोगिता - 2018 के परिनाम

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प्रणाम बा... कवनो अच्छा, सकारात्मक काम में कबो देरी ना होला.....जय-जय फगुआ (होरी गीत) संग्रह पहल प्रतियोगिता - 2018 के परिनाम रउआँ सब की सोझा राखत मन बहुते प्रसन्न बा। सबसे पहिले त हम ओ रचनाकार लोगन के सादर नमन करतानीं जे अपनी माईभाखा में लिखेला, ओकरी साथे-साथे ओ सब लोगन के, जे सकारात्मक रूप से माईभाखा के कवनो न कवनो तरे समरिध कइले में लागल बा। अरे एतने ना ,  सही तरे देखीं त सबसे अधिका धन्यवाद के पात्र त पाठक महानुभाव लोग बा ,  जे समय निकाली के रचचन के पढ़ेला। आज माईभाखा भोजपुरी कवनो परिचय के मोहताज नइखे। एकर डंका देस का विदेसन में भी बज रहल बा। इ पूरा तरे बैग्यानिकता पर खरा उतरत हर जगहि आपन मिठऊ अउर सरल छाप छोड़ रहल बिया। अभोजपुरिया भी एकर होत चलि जाता लोग। दिन-दिन एकर दायरा बढ़त चलि जाता ,  इ समरिध होत चलि जा तिया पर हँ ,  इ हो बात सही बा की अपनी कुछ लोगन की चलते इ तनि उपेछित भी बिया..... एकरा अबहिन जहाँ रहे के चाहीं ,  उहां पहुँच नइखे पवले। खैर , माइयो भाखा के अच्छा दिन आई ,  भोजपुरिया लोग दिल खोलि के एकर गुनगान गाई। आपन बात- ...

श्री धर्मदेव चौहानजी के कुछ अउर जोगीर्रा - जोगीर्रा सरSSररSS पहल प्रतियोगिता - 2018

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झाड़ू बाजे , बेलन बाजे और बाजे मृदंग। जबसे चढ़ल फ़ागुन रोज कुटाला भसुर संघ। जोगिरा सारा रा रा र ……..    कजरी , मोदी , राहुल देखनी अउर देखनी सहत्तर।        राजनीति में आके सभे बनी जाला बनच्चर। जोगिरा सारा रा रा र …….. के कटेला चना चबैना , के चाँपे रसगुल्ला।        के मारेला बेलन , के नाचेला खुल्लम खुल्ला। जोगिरा सारा रा रा र ………   भईया काटें चना चबैना , भउजी रसगुल्ला।        भवही मारे बेलन , भसुर नाचें खुल्लम खुल्ला। जोगिरा सारा रा रा र ………..    मोदी बनिहें पीएम मिली भोजपुरी के दर्जा।        कहिके चच्चा भूली गईलें हैं कहिया उत्तरी कर्जा। जोगिरा सारा रा रा र ………..     भोजपुरी के मिली मान्यता गईहें छम्मक छल्लो।        असम वाली भउजी कहीहें चल्लो दिल्ली चल्लो। जोगिरा सारा रा रा र ……..       केकर बाटे हरियर कुर्ता , केकर बाटे लाल। के पहिरेला...

श्री धर्मदेव चौहानजी के जोगीर्रा (2,3,4,5) - जोगीर्रा सरSSररSS पहल प्रतियोगिता - 2018

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1- साहब तोहरा देश में भूखा बा इंसान l  MDM के खिचड़ी खाके फुल गइल परधान l जोगीर्रा सा रा रा रा .......... 2- बुआ जी के पाड़ा सनकल, पप्पू कसे लंगोट l  भइया पड़ि गये गदहा पीछे, भऊजी मांगें वोट l जोगीर्रा सा रा रा रा .......... 3- के मांगेला चना- चबैना , के मांगे मिठाई l  केकरा चाहीं काम के सरियत ,केकरा मुंह देखाई l जोगीर्रा सा रा रा रा ............. जनता मांगें चना -चबैना कारकर्ता मिठाई l  भईया मांगें काम के सरियत, भऊजी मुंह देखाई l जोगीर्रा सा रा रा रा .......... 4- जे जीती ऊ चानी काटी, जे हारी उ तिरकोल l  कारकर्ता लोग भंटा बोईहें, जनता छिली ओल l जोगीर्रा सा रा रा रा .......... 5- के लूटावे सोना चानी, के भइल कंगाल l  के पहिरेला सूट-सोफारी, केकर बा भौकाल l जोगीर्रा सा रा रा रा .......... बुआ लुटावें सोना चानी, पपुआ भइल कंगालl   साहब पहीरें सूट सफारी, भक्ततन के भौकाल l जोगीर्रा सा रा रा रा .......... धर्मदेव चौहान

श्री निलेश मिसिरजी के जोगीर्रा (1) - जोगीर्रा सरSSररSS पहल प्रतियोगिता - 2018

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पूँछ पटकि के कुक्कुर खा, चाट-चाट बिलारि, सफाचट्ट कर नीरव खइने, खोज रहल सरकार......... जोगीरा सा रा रा रा श्री निलेश कुमार मिश्र पथरदेवा, देवरिया ( मोबाइल - 9935290022)

जोगीर्रा सरSSररSS पहल प्रतियोगिता - 2018

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आपन मेहरी पेट ढंके, दूसरे के रखले रहे उघार, इ हे आज के सोंच कबीरा, इ हे त बा संसार.... जोगीर्रा सरss ररss.... जोगीर्रा सरSSररSS...पहल बा...बस की लोग अपनी भाखा में लिखे...खेल-खेल में लीखे..सब केहू लिखे....प्रतियोगिता ना पहल.....सुनतानीं...तनि एगो लल्लनटाप कुरताफाड़ जोगीर्रा लिख भेजीं...रउरी जोगीर्रा में नेतन के धोती खुलो चाहें गील होखो....भस्टाचार, बेरोजगारी के हवा खुलो भा...कवनो भी सामाजिक सरोकार...आपन गाँव दुआर के बात होखो.....लिख भेजीं...एगो एइसन जोगीर्रा जवने के अगिला फगुआ ले लोग गुनगनइले पर मजबूर होखे...जय-जय। prabhakargopalpuriya@gmail.com पर अपनी नाम, फोटो आदि की साथे मेल क दीं। जय-जय।

श्री कन्हैया प्रसाद रसिक जी के 1गो अउर होरी गीत (16) - फगुआ (होरी गीत) संग्रह पहल प्रतियोगिता - 2018

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डँसले बा करिया नाग ए सखी फागुन में ।। डँसले बा करिया नाग ए सखी फागुन में ।। पियवा जे रहिते तs बैदा बोलइते गोदिया उठाके लहर उतरइते देवरा भइल बाटे साग ए सखी फागुन में ।। डँसले बा करिया नाग ए सखी फागुन में ।। होली के लहरा सब कोई गावे मारे दरद के कुछ नाहीं भावे बाउर बा जोगिरा के राग ए सखी फागुन में ।। डँसले बा करिया नाग ए सखी फागुन में ।। मन बउराइल बा डेग डगमगाता   चढ़ेला लहरिया त तन छटपटाता   कइसे मनाइब अब फाग ए सखी फागुन में ।। डँसले बा करिया नाग ए सखी फागुन में ।। कन्हैया प्रसाद रसिक  परिचय:- नाम- कन्हैया प्रसाद रसिक ग्राम- हथडीहाँ ,  पोस्ट- सकरी रामनगर ( हसन बाजार) जिला- रोहतास ( बिहार ) भूतपूर्व वायु सैनिक ( वारंट अफिसर ) कृति-  पथिक-पाथेय और ऊँ भ्रष्टाचाराय नम: ( हिन्दी में काव्य संग्रह ) मोबाइल नं. - 8867651348

श्री विद्या शंकर विद्यार्थी जी के 1गो अउर होरी गीत (15) - फगुआ (होरी गीत) संग्रह पहल प्रतियोगिता - 2018

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होली खेलन आये बिहारी, रे माई होली खेलन आये बिहारी, रे माई  होली खेलन आये बिहारी, रे माई  ब्रज के गलियन में शोर मचल बा  शोर मचल बा रे जोर मचल बा  चल$ता रंग पिचकारी, रे माई  होली खेलन आये बिहारी, रे माई |                        केहू के रंगता तन के चुनरिया  तन के चुनरिया रे मन के चुनरिया  बरीज ना माने बिहारी, रे माई                              होली खेलन आये बिहारी, रे माई | हमरो रे मनवा बा साध पुराइब साध पुराइब रे आज पुराइब  रंग दिहब हम बरियारी, रे माई  होली खेलन आये बिहारी, रे माई |                      चलेला होली में होरी बलजोरी होरी बलजोरी रे होरी बलजोरी  जाई ना मन के खुमारी, रे माई होली खेलन आये बिहारी, रे माई | विद्या शंकर विद्यार्थी