42. देवेश "जलज" (देवेश पाण्डेय) जी के 1गो कबिता (गीत) (83) - माईभाखा कबितई प्रतियोगिता

1.खाली थरिआ,भरल प्याली

शहर के इ जिनगी भइया,अंधार बंद जेल जइसन बा,
गांवे लागेला,पूरा एकेगो घर ह,सोचअ मेल कइसन बा ।
फिर भी सभका गांव छोड़ शहर,आवहीं के पड़ेला,
रुपया पइसा,अउर पापी पेटवा के,इ खेले अइसन बा ।।
सपना देखेनी,कि हमार इंतजार मे,गांव के रेल स्टेशन बा ।।
 
भइया तनकों ना भावे ,"देवेश" गवई के,शहर ई,
जिए खातिर पिया तानी,भइया हम त जहर ई ।
जब आठ बजेला रात के,त सुत जाला पूरा गांव,
लेकिन शहर में त अबगे होला,भइया हो दुपहरी ।।
अतिथी के कवनो मोल ना इहवां,पइसा दिही से ठहरी ।।

एक एक दिन हमार,जवन शहर में ई बीत ता,
भीतर के देवता रोज हारत,बाहर के राकस जीत ता ।
का कहीं,कहला से,भाव सब कहलों ना जाता,
और गांव के इयाद एको,मिटवले ना मिट ता ।।
देखा होदे मगरूआ के,खेत मे खादर छिट ता ।।

सूख गईल शहर में जवन,गांवे अबो उ पानी बा,
चालाक हो गइल पुरा शहर,गांवे अभी भी नादानी बा,
सोरह आना आपन हमनी छोड़ देहनी जा गांव में,
इहां त दूसरा के चवन्नी पर,तीसरका के गुमानी बा ।।
खाली हमरे ना,इ त हर गवई के कहानी बा ।।

उहां थान पुरा छोड़,इहां गज़ भर पे रखवाली बा,
करके गांव के थरिआ खाली,भरल शहर के प्याली बा ।
शहर में भले भइया,पेट कमबेश,सभकर भर जाला,
लेकिन मन भइया इहां,हर मनई के खाली बा ।।
शहरी मगज़ ले साफ त,हमरा गउवन के नाली बा।।



नाम- देवेश "जलज"  (देवेश पाण्डेय)
पिता-श्री जलेश्वर पाण्डेय

 पता-
ग्राम-बगौछा,
पो-पिपरा,
थाना-महाराजगंज,
जिला-सिवान(बिहार)
पिन-841244
सम्पर्क सुत्र-7059563419

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